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गणपतीची आरती - गजवदना मन नमले पाहुनियां ...


Ganapati Arati - Prayer to Lord Ganesha गणपतीची आरती - गजवदना मन नमले

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गणपतीची आरती

गजवदना मन नमले पाहुनियां तुजला।
म्हणतां मंगलमूर्ती संताप हरला॥
यास्तव निश्चय चरणी भाव तो धरिला।
व्यापुनि अवघे विश्व म्हणती तुज उरला॥१॥
जय देव जय देव जय संकटहर्ता।
तुजविण नाही कोणी संसारी त्राता॥धृ.॥

गिरिजांकी बैसुनियां स्तनपान करिसी।
तो तू राक्षस मोठमोठे निर्दळासी॥
उचलुनि शुंडाग्राने त्रैलोक्य धरिसी।
गिरीजारागें नित्य कां रें थरथरसी॥ जय.॥२॥

दास विनायक मूर्ती पाहुनिया डोले।
मंगलमूर्ती हृदयी राहो हें बाले॥
प्राणी जे गुण गाती ते जाणा तरले।
आपण तरुनी अपुले पूर्वज उद्धरिले॥जयदेव जयदेव ॥३॥
Translation - भाषांतर

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